हल्द्वानी के धार्मिक स्थल बन रहे चोरों का निशाना, श्रृंगार का सामान भी नहीं छोड़ा
हल्द्वानी। नवरात्र के समय भी देवी मंदिर चोरों के निशाने पर हैं। अब मुखानी थाना क्षेत्र के अमृताश्रम मंदिर में 19 मार्च की रात चोरी की घटना सामने आई। शुक्रवार की सुबह पुजारी हेमचंद्र पंत जब पूजा के लिए गए तो चोरी का पता चला। पुलिस ने शुक्रवार देर रात घटना की प्राथमिकी दर्ज की है।
मुखानी के पीली कॉलोनी वैशाली ऊंचापुल निवासी हेम चंद्र पंत ने बताया कि वह रात में मंदिर में ताला लगाकर घर चले गए। शुक्रवार की सुबह जब पहुंचे तो मंदिर का ताला टूटा हुआ था। चोरों ने मां काली और मां दुर्गा, गणेश जी की पीतल की मूर्ति के साथ ही तांबे के छह लोटे भी चुरा लिए।
पहले भी हो चुकी हैं शहर के मंदिरों में चोरियां
■ चोरगलिया के मंदिर में 13 मार्च की रात चोरों ने हजारों रुपये नकद और 20 पीतल की घंटियां, एक तांबे का कलश चुरा लिया। पुजारी आशीष बेलवाल की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस ने अगले दिन दो आरोपियों को पकड़ने का दावा किया। इनकी पहचान कुंवर पाल निवासी दानिंबगर, थाना चोरगलिया और नितिन कुमार निवासी ठाकुरद्वारा चुंगी, काठगोदाम के रूप में हुई।
■ काठगोदाम के गोल्यू मंदिर का ताला तोड़कर चोरों ने 15 मार्च की रात दानपत्र से हजारों रुपये चुरा लिए। यहां भगवान के दो पोस्टरों में आग लगा दी। इसी मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित गणनाथ मंदिर का भी ताला तोड़ा गया, हालांकि यहां चोरी नहीं हुई।
■ दिसंबर 2025 में कालू सिद्ध मंदिर में चोरों ने भगवान का कीमती चांदी का मुकुट, चांदी के लोटे, थालियां और दानपत्र से नकदी चुराई। इस घटना का पुलिस ने कई दिन बाद पर्दाफाश किया।
चुरा लिए पीतल की सात घंटियां, एक देवी के गले का हार और एक माइक्रोफोन भी चुरा लिया गया। मंदिर से एक आसमानी रंग का बैग भी गायब था।
मनोज कुमार कश्याल ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुखानी थाने में चोरी की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी की तलाश में पुलिस टीम जुटी है।

